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कारनाट चक्र(Carnot cycle)

Carnot cycle-
    वास्तविक इंजनों में घर्षण आदि के कारण उस्मा हानि होती है कार्नेट ने वास्तविक इग्नू के सभी दोषों से मुक्त इंजनों की सभी दोषों से मुक्त एक ऐसा आदर्श सैद्धांतिक इंजन की रूपरेखा बनाई जिसमें किसी भी प्रकार की उस्मा हानि नहीं होती है कार्नेट का यह आदर्श सैद्धांतिक इंजन कार्नेट इंजन कहलाता है इस इंजन की दक्षता अधिकतम होती है कारना के अनुसार एक आदर्श इंजन की दक्षता ही शत-प्रतिशत नहीं हो सकती कार नाथ इंजन व्यवहारिक नहीं है।
 कार  नेट  इंजन के 4 भाग होते हैं।

  1.  Cylinder and piston- इंजन के सिलेंडर की दिवारी पूरी तरह से कुचालक होती है इसका आधार पूरी तरह से उस्मा का सुचालक होता है इसमें एक frictionहित तब पूरी तरह से कुचालक piston लगा होता है सिलेंडर में कार्यकारी पदार्थ भरा होता है सिलेंडर के स्तन के ऊपर भार रखा जाता है।
  2. Source of heat( उस्मा स्रोत)- उसमें स्रोत एक आप परमिट उस्मा धारिता वाला एक गर्म कुंड होता है जिसका ताप नियत बना रहता है इसमें से चाहे जितनी उर्जा लीजा उस्मा स्रोत का तापमान नहीं बदलता है।
  3.  उस्मा सिंक-  यह अपरिमित उस्मा धारिता वाला एक ठंडा पीने होता है उसका तापमान नियत रहता है इसको चाहे जितनी भी समाधि जाए इसका तापमान नहीं बनता है।
  4. पूरी तरह से कुचालक प्लेटफार्म - यह सिलेंडर की लिए प्लेटफार्म का कार्य करता है यह पूरी तरह से कुछ अलग होता है कुचालक होता है ।             सिलेंडर को किसी तीन इंडोर विंडो 23 तथा 4 पर रखा जा सकता है 13 से दूसरे पिंक ले जाने में कोई कार नहीं करना पड़ता है कार नॉट चक्र वचन है जिसमें कार्यकारी पदार्थ के एक चक्र को चार पत्र मुंह में पूरा करता है इस चक्र इस चक्कर में दो समतापी प्रक्रम और दो रुद्धोष्म प्रक्रम होते हैं यह चारों प्रक्रम प्रतिवर्ती पर कम होते हैं कारना चक्र को पीवीआर एक पर बनाया जा सकता है।

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